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Showing posts from November, 2021

Episode 4

   अवनि कार्तिक के ऑफिस पहुँची। वहाँ पहुँचते ही केबिन के बाहर कार्तिक की असिस्टेंट मिसेज वर्मा मिल गयी। उन्होंने अवनि के आने के बारे मे कार्तिक को बताया और उसे अंदर भेज दिया। अंदर जाते ही उसकी नज़र साइड मे सोफे पर बैठे कार्तिक पर गयी। उसे देख अवनि खुशी से चहकते हुए बोली, "हैलो जीजू!!!!"     "हैलो मेरी प्यारी एकलौती साली साहिबा!!!" कार्तिक ने साइड हग करते हुए कहा "आओ बैठो ।" अवनि कार्तिक के साथ ही सोफे पर बैठ गयी। "अब बोलो क्या लोगी चाय कॉफि!!!" कार्तिक ने पूछा।   "नही नही जीजू!! रहने दीजिये मुझे कुछ नही चाहिए। मुझे बस आपसे बात करनी थी इसीलिए......" अवनि ने कहा।    "हाँ हाँ बताओ क्या अर्जेंट बात करनी थी तुम्हे, सब ठीक तो है न अवु??" कार्तिक को चिंता हो रही थी।    "वो क्या है न जीजू....... दो हफ्ते मे शादी है और मुझे समझ नही आ रहा की मै दिदु को गिफ्ट मे क्या दू!!!" अवनि ने बहाना बनाया।    "बस इतनी सी बात!!! इसमे इतना सोचने वाली क्या बात है,तुम्हे तो अपनी बहन की पसंद नापसंद सब पता ही है।" कार्तिक ने अवनि के सर...

Episode 3

   अवनि अपनी ही सोच मे डूबी थी। अचानक लगे झटके से उसे होश आया तो वह श्रेया से बोली, " ये हम कहाँ जा रहे है?? यहाँ पर तो कोई काम नही है हमारा!!!"     "मुझे पता है तेरा मुड़ ऑफ है और मुझे यह भी पता है की तेरा मूड कैसे ठीक करना है।" कहकर श्रेया ने एक ठेले वाले के पास गाड़ी रोकी और उससे उतरने को कहा। श्रेया ने ठेले वाले से दो प्लेट तीखी कचौरी की लगाने को बोली। तीखी कचौरी का नाम सुन अवनि घबरा गयी, " नही नही श्रेया.... मै ये नही खा सकती। "    " क्यों?? क्यों नही खा सकती?? पहले तो तेरी फेवरेट हुआ करती थी अब क्या हो गया?  अच्छा हाँ......... मै तो भूल ही गयी थी!! तेरी लाइफ मे वो कमीना नही था न पहले, इसीलिए अपनी लाइफ अपनी तरीके से जीती थी। जब से वो आया है तेरी लाइफ मे तु बस उसकी गुलाम बन कर रह गयी है। उसे ये नही पसंद उसे वो नही पसंद....... साला उसे पसंद क्या है???" श्रेया भड़क गयी।    "ऐसा मत बोल श्रेया, वो प्यार करता है मुझसे। और तुझे तो पता ही है वो अपर सोसाइटी से है तो बस वो मुझे उसी हिसाब से रखना चाहता है।" अवनि ने लक्ष्य की तरफ़दारी करते हुए...

Episode 2

   रात का खाना अवनि के पसंद का बना था क्योंकि खाना खुद अवनि ने ही बनाया था। खाना खाकर अवनि जैसे ही अपने कमरे मे आई उसने अपने फोन पर एक मैसेज देखा। वो मैसेज लक्ष्य का था जिसमे लिखा था    "अब से मै तुम्हे कंटैक्ट नही कर पाऊंगा, आगे एक्जाम की तैयारियो मे मुझे मौका नही मिलेगा और मेरा मन ना भटके इसीलिए अब से फोन बंद और इसीलिए ये मेरा आखिरी मैसेज। इसके बाद मै सीधे तुम्हे तुम्हारे घर पर ही मिलूँगा। मेरा इंतज़ार करना, लव यू एंड मिस् यू"       "तुम हर बार ऐसे ही करते हो, लव यू टू"अवनि ने प्यार से उस मैसेज को चूम लिया मानो वह फोन नही लक्ष्य हो फिर सोने चली गयी लेकिन नींद नही आई। आज कॉलेज का आखिरी दिन था। वही कॉलेज जहाँ वो और लक्ष्य पहली बार मिले थे तीन साल पहले। उस वक़्त  सीनियर होने के कारण लक्ष्य ने अवनि की रैगिंग की थी। एक वो वक़्त था जब उसे लक्ष्य की शक्ल भी देखना पसंद नही था और एक ये वक़्त है जब उसे देखे बिना या उसकी आवाज़ सुने बिना उसे चैन नही मिलता। उन ख्यालो मे गुम अवनि को कब नींद आ गयी पता ही नही चला।      सुबह उठ कर अवनि ज...